हिन्दी साहित्य को सम्मानित करने की कोशिश में एक छोटा सा प्रयास, हिन्दी की श्रेठ कविताओं, ग़ज़लों, कहानियों एवं अन्य लेखों को एक स्थान पर संकलित करने की छोटी सी कोशिश...

Short Story - Chitrakaar | चित्रकार

बहुत पुरानी बात है, एक नगर में एक मशहूर चित्रकार रहता था । चित्रकार ने एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाई और उसे नगर के चौराहे मे लगा दिया और नीचे लिख दिया कि जिस किसी को, जहाँ भी इसमें कमी नजर आये वह वहाँ निशान लगा दे । जब उसने शाम को तस्वीर देखी उसकी पूरी तस्वीर पर निशानों से ख़राब हो चुकी थी । यह देख वह बहुत दुखी हुआ। उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि अब क्या करे वह दुःखी बैठा हुआ था । तभी उसका एक मित्र वहाँ से गुजरा

Gulzar - Shaam Se Aankh Mein Nami Si Hai | गुलज़ार - शाम से आँख में नमी सी है | Ghazal

शाम से आँख में नमी सी है
आज फिर आप की कमी सी है 

Kaif Bhopali - Tera Chehra Kitna Suhana Lagta Hai | कैफ भोपाली - तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता है | Ghazal

तेरा चेहरा कितना सुहाना लगता है
तेरे आगे चाँद पुराना लगता है

Kaifi Azmi : Tum Itna Jo Muskura Rahe Ho | कैफ़ी आज़मी - तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो
क्या गम है जिसको छुपा रहे हो

Ahmad Faraz - Ranjish Hi Sahi Dil Dukhane Ke Liye Aa | अहमद फ़राज़ - रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ | Ghazal

रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिये आ

Rajinder Nath (Rehbar) : Tere Khushboo Mein Base Khat Main Jalata Kaise | तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे

तेरे खुशबु मे बसे ख़त मैं जलाता कैसे,
प्यार मे डूबे हुए ख़त मैं जलाता कैसे,
तेरे हाथों के लिखे ख़त मैं जलाता कैसे,

Kunwar Mahendra Singh Bedi - Aaye Hai Samjhane Log | आये हैं समझाने लोग | Ghazal

आये हैं समझाने लोग
हैं कितने दीवाने लोग

Kaifi Azmi : Koi Ye Kaise Bataye Ke Woh Tanha Kyon Hai | कैफी आज़मी - कोई ये कैसे बताये के वो तन्हा क्यो है | Nazm

कोई ये कैसे बताये के वो तन्हा क्यो है?
वो जो अपना था, वही और किसी का क्यो है?

Javed Akhtar : Tumko Dekha To Yeh Khayal Aaya | जावेद अख्तर - तुमको देखा तो ये ख़याल आया | Ghazal


तुमको देखा तो ये ख़याल आया
ज़िंदगी धूप तुम घना साया

Kunwar Mohinder Singh Bedi Sahar : Teri Berukhi Aur Teri Meharbaani | तेरी बेरुखी और तेरी मेहरबानी | Ghazal


तेरी बेरुखी और तेरी मेहरबानी 
यही मौत है और यही ज़िंदगानी

Dr. Sardar Anjum : Jab Kabhi Tera Naam Lete Hain | सरदार अंजुम - जब कभी तेरा नाम लेते हैं | Ghazal


जब कभी तेरा नाम लेते हैं
दिल से हम इन्तक़ाम लेते हैं

Udaan - Jo Lehron Se Aage Nazar Dekh Paati | जो लहरों से आगे नज़र देख पाती


जो लहरों से आगे नज़र देख पाती
तो तुम जान लेते, 
मैं क्या सोचता हूँ

Udaan - Jootey Kahan Utare The | जूते कहाँ उतारे थे | Devanshu


छोटी-छोटी छितराई यादें
बिछी हुई है लम्हों के लाँन पर
नंगे पैर उन पर चलते चलते

Kanhaiyalal Nandan - Angaarey Ko Tumne Chua | Poem | अंगारे को तुमने छुआ | कन्हैयालाल नंदन

अंगारे को तुमने छुआ
और हाथ में फफोला नहीं हुआ
इतनी-सी बात पर
अंगारे पर तोहमत मत लगाओ

Gulzar - Tere Utaare Huye Din | गुलज़ार - तेरे उतारे हुए दिन | Poetry

तेरे उतारे हुए दिन...टंगे है लॉन में अब तक
ना वो पुराने हुए है ..ना उनका रंग उतरा
कही से कोई भी सिवन ..अभी नहीं उधड़ी

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