हिन्दी साहित्य को सम्मानित करने की कोशिश में एक छोटा सा प्रयास, हिन्दी की श्रेठ कविताओं, ग़ज़लों, कहानियों एवं अन्य लेखों को एक स्थान पर संकलित करने की छोटी सी कोशिश...

Saba Afghani : Gulshan ki faqat phoolon se nahin | सबा अफ़गानी - गुलशन की फ़क़त फूलों से नहीं | Ghazal


गुलशन की फ़क़त फूलों से नहीं काटों से भी जीनत होती है,
जीने के लिए इस दुनिया मे गम की भी ज़रूरत होती है,

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