हिन्दी साहित्य को सम्मानित करने की कोशिश में एक छोटा सा प्रयास, हिन्दी की श्रेठ कविताओं, ग़ज़लों, कहानियों एवं अन्य लेखों को एक स्थान पर संकलित करने की छोटी सी कोशिश...

Premchand - Poos Ki Raat | प्रेमचंद - पूस की रात | Story

समाचार में जब देखा कि एक राजनीतिक रैली में एक किसान ने आत्महत्या कर ली और सभी मूकदर्शक बने देखते रहे और अब उसकी मौत के बाद भी उस गरीब की मौत को हर एक राजनीतिक पार्टी उसका अपने तरीके से फायदा उठाने की कोशिश कर रही है। मुझे प्रेमचंद की यह कहानी याद आ गयी जिसमे एक गरीब किसान क़र्ज़ के नीचे दबा हुआ कैसे कड़क ठण्ड में अपनी फसल की रखवाली कर रहा है  कुत्ते के साथ और कैसे वह अपनी रात गुज़ारता है।

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