हिन्दी साहित्य को सम्मानित करने की कोशिश में एक छोटा सा प्रयास, हिन्दी की श्रेठ कविताओं, ग़ज़लों, कहानियों एवं अन्य लेखों को एक स्थान पर संकलित करने की छोटी सी कोशिश...

Rambriksh Benipuri - Neev Ki Eent | रामवृक्ष बेनीपुरी - नींव की ईंट | Essay

वह जो चमकीली, सुंदर, सुघड़ इमारत आप देख रहे हैं; वह किसपर टिकी है ? इसके कंगूरों (शिखर) को आप देखा करते हैं, क्या आपने कभी इसकी नींव की ओर ध्यान दिया है?

दुनिया चकमक देखती है, ऊपर का आवरण देखती है, आवरण के नीचे जो ठोस सत्य है, उसपर कितने लोगों का ध्यान जाता है ?

ठोस 'सत्य' सदा  'शिवम्' होता ही है, किंतु वह हमेशा 'सुंदरम्' भी हो यह आवश्यक नहीं है।

सत्य कठोर होता है, कठोरता और भद्दापन साथ-साथ जन्मा करते हैं, जिया करते हैं।

Popular Posts

Rambriksh Benipuri - Neev Ki Eent | रामवृक्ष बेनीपुरी - नींव की ईंट | Essay

Rambriksh Benipuri - Neev Ki Eent | रामवृक्ष बेनीपुरी - नींव की ईंट | Essay

वह जो चमकीली, सुंदर, सुघड़ इमारत आप देख रहे हैं; वह किसपर टिकी है ? इसके कंगूरों (शिखर) को आप देखा करते हैं, क्या आपने कभी इसकी नींव की...